फ़िज़ा में महकती शाम हो तुम.. प्यार में झलकता जाम हो तुम.. सीने में छुपाए फिरते है हम यादें तुम्हारी.. इसलिए मेरी ज़िन्दगी का दूसरा नाम हो तुम।


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